“न जाने कौन सी शोहरत पर आदमी को नाज़ है, जबकि आखिरी सफर के लिए भी आदमी औरों का मोहताज है।”
चुप रहते हैं क्योंकि शोहरत से मोहब्बत नहीं,वरना नाम सुनते ही कांप जाते हैं दुश्मन। ️
तू हँसती रही गैरों के साथ,और हम तुझे याद करके रोते रहे रातों रात।
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तेरे नाम से ही धड़कता है ये दिल मेरा,तू ही तो है मेरा पहला और आख़िरी सवेरा। ❣️
हमारे ठाठ देखकर बड़े-बड़े नवाब भी जलते हैं,क्योंकि रॉयल्टी पैसों से नहीं, सोच से आती है।
मनोहर नेत्रों से दो बूंद नीर उसपर गिराकर
प्यार का मतलब अगर कोई समझता है,तो वो सिर्फ तुम
बगावत के लिए कलेजा चाहिए होता है तलवे चाटने के लिए एक जीभ ही बहुत है.
जिसे हमने अपनी धड़कनों में बसाया,उसने हमें ही गैरों की तरह भुलाया।
अपनी हाथो की उंगलियों को ज़रा सा दिल पर क्या रखा,तेरी यादो की धड़कन धड़कने लगी।
❝किसी ने मूझसे पूछा कि वादों और यादों में क्या अंतर है…
....।। अजीब होता है ज़िन्दगी का सफर भी पसंद आये कोई और मगर किस्मत में कोई और Trending Shayari ही होता है।।